जाने क्यों आज
यादो ने तुम्हारी
दिल में दस्तक दी है
जाने क्यों आज भी
मेरी आँखों से
शबनम छलकती है
मगर आज एक सच
जरा मुझसे कहना तुम
पूछू सवाल जो तुमसे
तो चुप न रहना तुम
अब भी क्या
दिल तुम्हारा
मेरे नाम से
धड़कता है !!
अब भी क्या
ख्वाबो में तुम्हे
चेहरा मेरा दिखता है!!
अब भी क्या
यादो में मेरी
तुम सारी रात
जागते हो !!
अब भी क्या
दुआओ में तुम
मुझे हरदम मांगते हो !!
मैंने तो अब तक
तेरे दिए फूल
सहेजकर रखे है
डाईरी के पन्नों में
मैंने अब तक
तेरी यादो को
समेटकर रखा है
दिल के कोनो में
आज भी छूती है
जब ठंडी हवा तो
लगता लायी है
पैगाम तुम्हारा
आज भी दुआओ में
लब तक आ जाता है
नाम तुम्हारा ।
प्रिया वच्छानी
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